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Sunday, November 2, 2014

हार्ड कॉपी को ऐसे करें सॉफ्ट में कन्वर्ट

मान लीजिए आपके पास 10-12 पेज का कोई लेख है, जो पेपर पर लिखा है और आपको उसकी सॉफ्ट कॉपी चाहिए। ऐसे में क्या आप 10-12 पेज दोबारा टाइप करने बैठेंगे? नहीं, यह काम आप अपने गूगल ड्राइव के जरिये कर सकते हैं। कैसे बता रहे हैं बालेंदु शर्मा दाधीच:

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कम लोगों को यह जानकारी है कि जब वे किसी अच्छे ब्रैंड का स्कैनर या फिर एमएफडी (मल्टी फंक्शनल डिवाइस) खरीदते हैं तो उसके साथ एक सॉफ्टवेयर भी मिलता है, जिसका नाम है- ऑप्टिकल कैरक्टर रेकग्निशन (ओसीआर)। आमतौर पर हम स्कैन किए जाने वाले दस्तावेजों को इमेज या पीडीएफ फॉर्मैट में कंप्यूटर में सहेजते हैं, लेकिन ओसीआर सॉफ्टवेयर की मदद से उन्हें टेक्स्ट फॉर्मैट में भी स्टोर किया जा सकता है। ये दस्तावेज थोड़े-बहुत संशोधनों के बाद उसी तरह इस्तेमाल किए जा सकते हैं जैसे आपने उन्हें कंप्यूटर में खुद टाइप किया हो। बाकायदा एडिटिंग कीजिए, काटिए, जोड़िए, कहीं भी पेस्ट कीजिए। पूरी तरह से एक टेक्स्ट फाइल की तरह से इन्हें आसानी से यूज किया जा सकता है।

वैसे यह सेवा ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं। अच्छी बात यह है कि ऑनलाइन यह सेवा सिर्फ अंग्रेजी ही नहीं बल्कि हिंदी और दूसरी तमाम भाषाओं में भी मिलती है। इसी की बदौलत गूगल और दूसरी ऑनलाइन पुस्तक सेवाएं लाखों किताबों को डिजिटल रूप में परिवर्तित करती हैं। अगर ऐसा हो रहा है तो फिर भला आप इस सुविधा का फायदा क्यों नहीं उठाते?
गूगल ड्राइव के जरिए OCR
हालांकि स्कैनर और एमएफडी के साथ आमतौर पर आपको एक अलग ओसीआर सॉफ्टवेयर मिलता है, जिसका इस्तेमाल डॉक्युमेंट स्कैन करते समय किया जा सकता है, लेकिन ऐसे कंप्यूटर यूजर्स की संख्या बहुत कम है, जिनके पास स्कैनर या एमएफडी हों। वैसे भी कुछ सस्ते स्कैनर और एमएफडी के साथ ओसीआर सॉफ्टवेयर नहीं मिलता। ऐसे यूज़र्स इंटरनेट के जरिए उपलब्ध गूगल की ओसीआर सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो उसकी दूसरी सेवाओं की ही तरह मुफ्त है और इस्तेमाल में आसान। पहले यह सेवा गूगल डॉक्स का हिस्सा हुआ करती थी लेकिन अब डॉक्स और ड्राइव दोनों को एक ही प्लैटफॉर्म में समाहित कर दिया गया है।

गूगल के वेब ओसीआर का इस्तेमाल करने के लिए आपके पास गूगल का अकाउंट होना चाहिए। दूसरी जरूरत ऐसे दस्तावेज की है, जिसे स्कैन किया गया हो। याद रहे, गूगल ड्राइव की यह सुविधा हिंदी की फाइल को बदलती तो है, लेकिन सारा मटीरियल गड़बड़ हो जाता है। सभी शब्द उलट-पुलट हो जाते हैं जिन्हें ठीक करना पड़ता है।

गूगल ओसीआर का इस्तेमाल करने के लिए यह प्रोसेस अपनाएं :
1. drive.google.com पर लॉगिन करें।
2. अब खुलने वाले पेज पर आपकी वे सभी फाइलें दिखाई जाएंगी, जिन्हें आपने कभी गूगल ड्राइव पर अपलोड किया होगा। यदि वहां कोई फाइल नहीं दिख रही तो इसका मतलब है- आपने अब तक कोई फाइल अपलोड नहीं की है।
3. सबसे पहले गूगल ड्राइव वेब पेज के राइट साइड में Settings वाले आइकन को क्लिक करें और वहां दिखने वाले विकल्पों में Upload Settings पर क्लिक करें।
4. अब एक और मेन्यू खुलेगा, जिसमें Convert Text from uploaded PDF and Image files पर क्लिक कर उसे सलेक्ट कर लें।
5. अब गूगल के मुख्य लोगो (ऊपर लेफ्ट में) के पड़ोस में अपलोड बटन पर जाएं।
6. इसे क्लिक करने पर फाइलों को अपलोड करने के लिए एक छोटा सा मेन्यू उभरेगा, जिसमें Files पर क्लिक करें।
7. अब फाइल अपलोड करने वाला डायलॉग बॉक्स खुलेगा, जिसके जरिए आप अपने कंप्यूटर में मौजूद पीडीएफ या इमेज फाइल को, जो स्कैन की गई है या फिर किसी अन्य स्रोत से हासिल की गई है, अपलोड कर दें।
8. फाइल अपलोड होने की प्रक्रिया दिखाने वाला बॉक्स खुलेगा, जिसमें अपलोड की प्रॉसेस दिखेगी। प्रॉसेस पूरी होने पर Upload Complete का संदेश दिखाई देगा।
9. फाइल अपलोड होने के बाद आपकी फाइलों की सूची में दिखाई देगी।
10. चूंकि आपने शुरुआत में ही गूगल ड्राइव को निर्देश दे दिया था कि इस दस्तावेज को टेक्स्ट फॉर्मैट में बदलना है, सो यह दस्तावेज अब अपने बदले हुए फॉर्मैट में डाउनलोड किए जाने के लिए तैयार है।
11. अब हम इसी फाइल को पीडीएफ नहीं बल्कि टेक्स्ट फॉर्मैट में डाउनलोड करेंगे। इसके लिए फाइल को सिलेक्ट करें और ऊपर More मेन्यू पर क्लिक करें। यहां नीचे की ओर Download विकल्प दिखाई देगा। इसे क्लिक करें।
12. फाइल डाउनलोड होने से पहले Convert And Download डायलॉग बॉक्स सामने आएगा, जिसमें आप दस्तावेज को किस रूप में डाउनलोड करना चाहते हैं, उसके विकल्प दिखाए जाएंगे। आप देख सकते हैं कि यहां पर HTML, Plain Text, Microsoft Word Document आदि विकल्प हैं। इनमें से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड या प्लेन टेक्स्ट विकल्प को चुनें और दस्तावेज को डाउनलोड कर लें।
13. अब अपने दस्तावेज को संबंधित टेक्स्ट एडिटर, माइक्रोसॉफ्ट वर्ड या नोटपैड आदि में खोलकर देखें। पीडीएफ या इमेज दस्तावेज का मैटर टाइप किए गए मैटर में तब्दील हो चुका है।

याद रहे, गूगल ड्राइव की यह सुविधा फिलहाल हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध नहीं है। हिंदी में यही काम कैसे हो, यह हम कुछ समय बाद बताएंगे।

Source: http://navbharattimes.indiatimes.com/

अपने गैजट्स में जोड़िए फंक्शन, बनाइए बेहतर

आप अपने पास मौजूद कई गैजट्स (स्मार्टफोन, टैबलट, वाई-फाई राउटर, कैमरे) में ऐसे फीचर्स जोड़ सकते हैं, जिनकी सुविधा कंपनी ने नहीं दी है। इसके लिए बस आपको थोड़ा सा दिमाग लगाने की जरूरत होती है। बाकी हितेश राज भगत और करण बजाज बता देते हैं कि इसे आप कैसे कर सकते हैं, आगे क्लिक करते जाइए और जानिए...

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आपका मल्टिफंक्शनल स्मार्टफोन
क्या आपके लैपटॉप में वेबकैम नहीं है? तो आपको फिक्र करने की कोई जरूरत नहीं है। फ्री ऐंड्रॉयड ऐप ड्रॉइडकैम के जरिए आप फोन के कैमरे और माइक्रोफोन का इस्तेमाल कर स्काइप, गूगल हैंगआउट और बाकी प्लैटफॉर्म पर दोस्तों से बात कर सकते हैं। इसके लिए फ्री ऐप और फ्री विंडोज़, लाइनक्स सर्वर सॉफ्टवेयर चाहिए। इसके बारे में आपको विस्तार से जानकारी http:www.dev47apps.com पर मिल सकती है।

वाई-फाई रेंज दुगनी-तिगुनी करिए
वाई-फाई एक अजीब साइंस है। आप ठीक-ठीक नहीं पता लगा सकते कि आपका वाई-फाई कहीं पर क्यों कमजोर होता है, लेकिन आप कुछ गाइडलाइंस के मुताबिक काम करके वाई-फाई की रेंज बढ़ा सकते हैं। बेहतर कवरेज के लिए राउटर को घर के बीचो-बीच रखिए और इसे 6 फीट या इससे ज्यादा की ऊंचाई पर रखिए। ऐसा इस वजह से क्योंकि वाई-फाई सिग्नल ओमनी-डायरेक्शनल होते हैं और वे ऊपर जाने की जगह नीचे की तरफ आते हैं। अगर आपके पास दो ऐंटेना वाला राउटर है, तो एक को वर्टिकल रखिए, दूसरे को हॉरिजनटल। अगर आप ये न कर सकें या इन तरीकों से फायदा न हो, तो रेंज बढ़ाने के लिए पुराने राउटर्स को वाई-फाई सिग्नल रिपीटर्स के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं या आप किसी इलेक्ट्रिकल आउटलेट में सीधे लगाने के लिए डीलिंक और नेटगियर जैसे ब्रैंड्स के छोटे रिपीटर्स (कीमत करीब 1500 रुपए) खरीद सकते हैं। रिपीटर अपने नेटवर्क की सीमा पर लगाएं, जिससे वह वहां से सिग्नल को आगे भेज सके। इसे लगाना बहुत आसान होता है। इसमें रिपीटर मोड चुनिए, अपने वाई-फाई नाम और पासवर्ड को डालिए, बस हो गया। आप दुगना या तिगुना या आउटडोर तक सिग्नल पहुंचाने के लिए और रिपीटर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अपने कैमरे की क्षमता बढ़ाइए
किसी कैमरे से RAW फॉर्मैट की इमेज उस तस्वीर का डिजिटल नेगेटिव होता है। सही सॉफ्टवेयर की मदद से आप RAW इमेज को बेहतर प्रोसेस कर सकते हैं, ताकि आपको अच्छी तस्वीर मिल सके। आम तौर पर डीएसएलआर कैमरों में RAW का ऑप्शन होता है। कई मिड-रेंज और एंट्री लेवल कैमरों में यह नहीं होता, जबकि कई बार उनका हार्डवेयर इसे सपॉर्ट करता है। आप एक टेंपररी फर्मवेयर (एक तरह का सॉफ्टवेयर) की मदद से आप अपने कैमरे को ऐसा ऐसा बना सकते हैं कि वह RAW इमेज ले सके और आपको कुछ अतिरिक्त सेटिंग्स दे सके। कैनन के कैमरे रखने वाले लोग http://chdk.wikia.com/wiki/CHDK से फ्री CHDK (Canon Hack Development Kit) ले सकते हैं। आप अपने कैमरा मॉडल को सर्च करिए और सही फर्मवेयर डाउनलोड कर लीजिए। इसमें स्टेप-बाई-स्टेप बताया गया है कि कैमरे में फर्मवेयर कैसे लोड करें। एक बार फर्मवेयर अपडेट होने के बाद आप RAW ऑप्शन के अलावा कई और सेटिंग्स देख सकेंगे। यह ध्यान रखिएगा कि RAW इमेज सेव करने में ज्यादा वक्त और ज्यादा जगह लगती है। कैनन डीएसएलआर यूज़र मैजिक लैंटर्न नाम का फर्मवेयर ले सकते हैं। इससे वे अपने EOS कैमरे में और फंक्शनैलिटी डाल सकते हैं। इससे लाइव हिस्टोग्राम, फोकस पीकिंग, स्पॉटमीटर, एचडीआर विडियो, अनकम्प्रेस्ड रॉ विडियो सपॉर्ट, मोशन डिटेक्शन जैसे कई फीचर मिलेंगे. सपोर्टेड डीएसएलआर कैमरों की लिस्ट के लिए www.magiclantern.fm पर जा सकते हैं।

वायरलेस हार्ड ड्राइव और प्रिंटर
वाई-फाई शेयर करने का शानदार जरिया है। लिहाजा आपके पास मौजूदा प्रिंटर (नॉन-वायरलेस) या एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव है, तो आपको इन बिल्ट यूएसबी पोर्ट और प्रिंट सर्वर से लैस राउटर लेना चाहिए। मिसाल के तौर पर बेल्किन का प्लेमैक्स एन600 (8,000 रुपए) वाई-फाई एन सर्टिफाइड राउटर है और ड्यूल यूएसबी पोर्ट भी है। साथ ही, इसे परंपरागत वायरलेस राउटर की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। आप इसमें एक साथ यूएसबी हार्ड ड्राइवर और यूएसबी प्रिंटर कनेक्ट कर सकते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि इस नेटवर्क पर कोई भी कंप्यूटर घर में किसी जगह से प्रिंट करने में सक्षम होगा। साथ ही, हार्ड ड्राइव में मौजूद कॉन्टेंट का भी ऐक्सेस मुमकिन होगा।

टीवी का वायरलेस विडियो सिग्नल
अगर आपको अपने स्टाइलिश एलईडी-एलसीडी टीवी के केबल के कारण आने वाली खड़खड़ाहट पसंद नहीं है, तो आप अपने टीवी को वायरलेस बना सकते हैं। आपको अपनी मौजूदा डिवाइसेज़ (मसलन केबल सेट टॉप बॉक्स, डीवीडी प्लेयर और गेम कंसोल) के लिए वायरलेस एडीएमआई अडॉप्टर खरीदना होगा। इसके बाद टीवी के एचडीएमआई पोर्ट में रिसीवर और बाकी डिवाइस में ट्रांसमीटर लगाना होगा। वायरलेस एवी ट्रांसमीटर और रिसीवर की कॉस्ट 4,000 लेकर 65,000 रुपए तक बैठती है। कॉन्टेंट (फोटो, म्यूजिक, विडियो) की स्ट्रीमिंग के लिए मौजूदा वाई-फाई कनेक्शन का इस्तेमाल करते हुए स्मार्टफोन या टैबलट जैसी डिवाइस से टीवी को जोड़ने के लिए डीएलएनए टेक्नॉलजी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

आईपैड को बनाइए दूसरा डिस्प्ले
आईपैड का डिस्प्ले काफी शानदार है। चाहे आप आईपैड 2 इस्तेमाल करें या फर्स्ट जेनरेशन आईपैड मिनी, डिस्प्ले की क्वॉलिटी काफी बेहतरीन है। इस वजह से आपको इसे अपने कंप्यूटर के लिए दूसरे डिस्प्ले की तरह इस्तेमाल करना चाहिए। यह ट्रिक विंडोज़ और मैक दोनों पर काम करती है। इसके लिए सबसे पहले यह पक्का करें कि कंप्यूटर और आईपैड दोनों एक ही वाई-फाई नेटवर्क से जुड़े हों। साथ ही, एयर डिस्प्ले 2 (9.99 डॉलर) या डिस्प्लेपैड (2.99 डॉलर) और कंप्यूटर के लिए संबंधित सर्वर ऐप लेना होगा। यह ऐप आपके आईपैड को वायरलेस सेकंड डिस्प्ले में बदल देगा, जो एक्सटेंडेड डिस्प्ले हो सकता है।

हिंदी में छपे पेजों की खुद होगी टाइपिंग यानी हार्ड कॉपी से सॉफ्ट कॉपी

बालेंदु शर्मा दाधीच
इसके पहले हमने आपको गूगल ड्राइव के जरिए 
अंग्रेजी की स्कैन फाइलों को टेक्स्ट फॉर्मैट में बदलने का तरीकाबताया था। अब हम बता रहे हैं दो ऐसे तरीके, जिनसे आप हिंदी की हार्ड कॉपी को सॉफ्ट कॉपी में बदल सकते हैं।

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स्कैन किए गए दस्तावेजों को टेक्स्ट फॉर्मैट में बदलने की गूगल की सुविधा सिर्फ अंग्रेजी तक सीमित नहीं है। यह करीब तीन दर्जन भाषाओं में उपलब्ध है, जिनमें हिंदी भी शामिल है। हालांकि हिंदी के इमेज-आधारित दस्तावेजों को कन्वर्ट करने पर हासिल होने वाले टेक्स्ट में बहुत गलतियां होती हैं। इसकी भारी प्रूफ रीडिंग करनी होगी। ऐसे में हिंदी में गूगल ड्राइव की ओसीआर सुविधा ज्यादा व्यावहारिक महसूस नहीं होती।

गूगल ड्राइव के अलावा कुछ और ओसीआर सॉफ्टवेयर हैं, जो हिंदी को ठीक-ठाक सपोर्ट करते हैं। इनमें वेब आधारित ओसीआर सर्विसेज भी शामिल हैं और कंप्यूटर में इन्स्टॉल होने वाले सॉफ्टवेयर भी।

www.i2ocr.com वेबसाइट दूसरी भाषाओं के साथ-साथ हिंदी टेक्स्ट रिकॉग्निशन की सुविधा भी देती है। यह पीडीएफ दस्तावेजों को नहीं पहचानती, इसलिए अपने दस्तावेज को स्कैन करने के बाद इमेज फाइल फॉर्मैट में सेव करें, जैसे jpg, bmp, png वगैरह। यह सुविधा फ्री में उपलब्ध है। IndSenz नाम की विदेशी कंपनी के डिवेलपर ओलिवर हेलविग की तरफ से विकसित IndSenz Hindi OCR सॉफ्टवेयर साधारण फॉर्मैटिंग वाले हिंदी टेक्स्ट के रिकॉग्निशन का काम बखूबी करता है, लेकिन यह फ्री नहीं है। आइए, देखते हैं ये दोनों सर्विसेज कैसे काम करती हैं :

वेब आधारित OCR

1. सबसे पहले 
www.i2ocr.com/free-online-hindi-ocr पर जाएं।

2. नीचे की तरफ, जहां Let's OCR लिखा है, वहां Step 1 के तहत आपकी स्कैन फाइल को अपलोड करने की सुविधा मौजूद है। अपलोड करने के लिए कंप्यूटर में मौजूद स्कैन इमेज फाइल को चुन लें।

3. अब वेबसाइट पर Step 2 पर नजर डालें। यहां Hindi भाषा चुनी हुई होनी चाहिए। नहीं है, तो हिंदी को सिलेक्ट कर लें।

4. अब Step 3 पर मौजूद Extract Text बटन दबाएं, जिससे आपकी फाइल के अपलोड होने और उसके भीतर मौजूद टेक्स्ट को पहचानने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

5. इसी वेब पेज पर दो बॉक्स खुल जाएंगे। इनमें से लेफ्ट वाले बॉक्स में टेक्स्ट दिखाई देगा। इस टेक्स्ट को कॉपी कर अपने कंप्यूटर में खुली हुई वर्ड फाइल में पेस्ट कर लें। अब जरूरत के लिहाज से एडिट कर लें।

6. आप देख सकते हैं कि सामान्य फॉर्मैटिंग वाले हिंदी टेक्स्ट का 90 फीसदी शुद्धता के साथ कन्वर्जन हो जाता है। अगर संबंधित इमेज फाइल आपके कंप्यूटर में नहीं बल्कि किसी वेबसाइट पर है तो यहां उसका वेब अड्रेस देकर सीधे टेक्स्ट कन्वर्जन मुमकिन है।

सॉफ्टवेयर के जरिए कन्वर्जन

इंडसेन्ज़ कंपनी की तरफ से विकसित हिंदी ओसीआर सॉफ्टवेयर को 
www.indsenz.com वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। इसे आजमाने के लिए फ्री वर्जन डाउनलोड किया जा सकता है, हालांकि वह सिर्फ सॉफ्टवेयर की क्षमताओं का प्रदर्शन भर करता है। फ्री वर्जन के जरिए इमेज फाइल से निकाला गया टेक्स्ट इस्तेमाल करना संभव नहीं है, क्योंकि इसे न तो फाइल की शक्ल में सेव किया जा सकता है और न ही कट-कॉपी-पेस्ट के जरिए ही सॉफ्टवेयर से बाहर ले जाया जा सकता है। बहरहाल, ट्रायल वर्जन अपनी क्षमताओं का बखूबी प्रदर्शन कर देता है। अगर आप इसका दफ्तर के काम-काज में नियमित रूप से इस्तेमाल करने के इच्छुक हैं तो आपको पेड वर्जन खरीदना होगा। इसके दो पेड वर्जन हैं। सामान्य वर्जन की कीमत करीब 12 हजार रुपए है, जबकि प्रफेशनल वर्जन करीब 16 हजार रुपए का पड़ेगा।

कैसे काम करता है

1. सबसे पहले 
indsenz.com से हिंदी ओसीआर सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर कंप्यूटर में इन्स्टॉल करें। अब सॉफ्टवेयर को लॉन्च करें।

2. इसके फाइल मेनू में Open Images पर क्लिक करें।

4. अब खुलने वाले डायलॉग बॉक्स में अपनी स्कैन फाइल को चुन लें। यहां इमेज के साथ-साथ पीडीएफ फाइल को भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

5. सॉफ्टवेयर के ऊपरी हिस्से में टूलबार में बने बटनों पर नजर डालें। यहां लेंस के आइकन वाले बटन पर माउस ले जाने पर Start the text recognition दिखाई देगा। इस बटन को क्लिक करे।

6. इससे इमेज फाइल में मौजूद टेक्स्ट को पहचानने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पहचाने गए टेक्स्ट को नीचे की ओर मौजूद बॉक्स में दिखाया जाएगा।

7. आप देख सकते हैं कि इस बॉक्स में माउस का कर्सर दिखाई दे रहा है और इस टेक्स्ट को सिलेक्ट करना मुमकिन है। जाहिर है, यह इमेज नहीं बल्कि टाइप किए हुए मैटर जैसा है।


Source: http://navbharattimes.indiatimes.com/

Wednesday, September 3, 2014

महँगी दवाइयों के समकक्ष, दूसरी सस्ती जेनेरिक दवाईयों (Generic Medicines) को ऑनलाइन (Online) कैसे सर्च (Search) करें ?

आजकल ज्यादातर डॉक्टर्स जो दवाईयां प्रीस्क्राइब्ड (prescribed) करते है, उनका महंगा होने के पीछे, कंपनियों की तरफ से डॉक्टर्स को मिलने वाला मोटा कमीशन या इंसेंटिव भी एक बड़ा कारण होता है | इसको आप ऐसे भी देख सकते है कि अगर हम समान रासायनिक लवणों (Salt) और सूत्र वाली वही दवा किसी कम पोपुलर कंपनी या बिना ब्राण्ड की (generic) दवा लेते है, तो काफी सस्ती पड़ती है |
ये बात पहले से पब्लिक डोमेन में है, इस पर सरकार भी जोर देती रहती है कि जेनेरिक दवाईयों को बढ़ावा दिया जाये, पर भारी बाजारवाद के चलते, आखिर में सब ‘आम आदमी’ को ही झेलना पड़ता है |
यहाँ मैं दूसरी बात ये भी कहना चाहूँगा कि आप शुरू में ही अपने डॉक्टर से ही आग्रह करें कि वो जेनेरिक मेडिसिन ही प्रीस्क्राइब करे, साथ अपने डॉक्टर की सलाह के बिना मैं यहाँ किसी दवा को अपने आप बदलने के लिए मैं यहाँ बिलकुल नहीं कहने वाला हूँ, यहाँ मैं जो वेबसाइट बताने वाला हूँ, उनसे आप जानकारी ले सकते है, अंतिम निर्णय लेने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर विमर्श कर ले |

logo2
MedIndia.net पर आप मेडिसिन को जेनेरिक नाम के आधार, कंपनी के आधार पर उसके दूसरे समकक्ष मेडिसिन सर्च कर सकते हो, हाँ इस साईट पर विज्ञापनों और इसका यूजर इंटरफ़ेस की वजय से आपको थोड़ी से असुविधा हो सकती है , विज्ञापन  तो आपAdblock Plus Browser Add-on की मदद से हटा सकते हैं |

2. logoMyDawai:  
इस वेबसाइट का खास फीचर ये है कि इसके मोबाइल एप्लीकेशन भी है, जैसे एंड्राइड, एप्पल और फेसबुक एप्प , और दूसरा इसका वेब डिजाईन भी मोबाइल डिजाईन जैसा ही है, उसके साथ ही यहाँ पर जेनेरिक मेडिसिन, और दवाई निर्माता के नाम से भी सर्च कर सकते है |

3. MIMS.com    
1005811_10152433808939260_3589841348867010368_nMIMS.com का डेटाबेस (Database) सबसे ज्यादा प्रचलित और पोपुलर है, अपने देश में, मैं इसको यहाँ क्रम में थोडा नीचे इसीलिए रखा, क्योंकि इसकी इस्तेमाल करने के लिए आपको अपना अकाउंट रजिस्टर ( जो फ्री है ) जरूरी है | रजिस्ट्रेशन के बाद, आप इसे यूज करके देखिये, ये एक बेहतर विकल्प है, जहाँ आपको मेडिसिन से सम्बंधित कई और जरूरी जानकारियां भी मिलती है |

4. Getdavai header_logo: इस साईट का डेटा (Data) का स्त्रोत का तो पता नही, पर यहाँ से पोपुलर मेडिसिन ब्रान्ड्स के समकक्ष दूसरी कंपनियों की मेडिसिन के नाम तथा कीमत बढ़ी आसानी से सर्च कर सकते है |

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HealthKartPlus.com के भी मोबाइल एप्लीकेशन है, जो काफी मददगार साबित हो सकते है, साथ ही इस वेबसाइट हा यूजर इंटरफ़ेस और डिजाईन काफी बढ़िया है, और फीचर्स भी सभी है , कुल मिलाकर ये भीं एक बेहतर साईट है |
source:http://www.techtouch.co/2014/08/generic-medicines-online-search.html

Indian Police Station All Information

यदि आप भारत के किसी भी स्थान के पुलिस स्टेशन के निम्न संपर्क सूत्र जानना चाहते है, जैसे
  • कण्ट्रोल रूम नंबर
  • पुलिस स्टेशन फोन नंबर 
  • SHO मोबाइल नंबर
  • ईमेल आई डी
  • पुलिस स्टेशन नाम
  • इत्यादि 
तो "संपर्क" नाम से बनाई गयी इस सेवा से आप अपने जिले, राज्य या स्टेशन के नाम से सर्च करके वहाँ के पुलिस स्टेशन के फोन व् अन्य संपर्क सूत्र जान सकते है.

ये सेवा निम्न वेबसाइट पर उपलब्ध है:

Wednesday, April 9, 2014

Cyber Crime Awareness Society

Contact Us at Jaipur



Cyber Crime Awareness Society
413, Surya Nagar, Ridhi SIdhi Chauraha, Near Reliance Fresh, GopalPura ByPass, Jaipur, Rajasthan, 302018
Tel - +91-9461101915

Email - info@ccasociety.com

Email - help@ccasociety.com

ontact Us at Kolkata



Cyber Crime Awareness Society
Barabazar Kolkata, India


Email - help@ccasociety.com
source: http://ccasociety.com/contact-us/

The Most Useful Websites and Web Apps


  1. ctrlq.org/screenshots – for capturing screenshots of web pages on mobile and desktops.
  2. dictation.io – online voice recognition in the browser itself.
  3. zerodollarmovies.com – find full-length movies on YouTube.
  4. screenr.com – record movies of your desktop and send them straight to YouTube.
  5. goo.gl – shorten long URLs and convert URLs into QR codes.
  6. unfurlr.come – find the original URL that’s hiding behind a short URL.
  7. qClock – find the local time of a city using a Google Map.
  8. copypastecharacter.com – copy special characters that aren’t on your keyboard.
  9. postpost.com – a better search engine for twitter.
  10. lovelycharts.com – create flowcharts, network diagrams, sitemaps, etc.
  11. iconfinder.com – the best place to find icons of all sizes.
  12. office.com – download templates, clipart and images for your Office documents.
  13. followupthen.com – the easiest way to setup email reminders.
  14. jotti.org – scan any suspicious file or email attachment for viruses.
  15. wolframalpha.com – gets answers directly without searching   – see more wolfram tips.
  16. printwhatyoulike.com – print web pages without the clutter.
  17. joliprint.com – reformats news articles and blog content as a newspaper.
  18. ctrql.org/rss – a search engine for RSS feeds.
  19. e.ggtimer.com – a simple online timer for your daily needs.
  20. coralcdn.org – if a site is down due to heavy traffic, try accessing it through coral CDN.
  21. random.org – pick random numbers, flip coins, and more.
  22. pdfescape.com – lets you can quickly edit PDFs in the browser itself.
  23. tubemogul.com – simultaneously upload videos to YouTube and other video sites.
  24. scr.im – share you email address online without worrying about spam.
  25. spypig.com – now get read receipts for your email.
  26. sizeasy.com – visualize and compare the size of any product.
  27. myfonts.com/WhatTheFont – quickly determine the font name from an image.
  28. google.com/webfonts – a good collection of open source fonts.
  29. regex.info – find data hidden in your photographs – see more EXIF tools.
  30. livestream.com – broadcast events live over the web, including your desktop screen.
  31. iwantmyname.com – helps you search domains across all TLDs.
  32. homestyler.com – design from scratch or re-model your home in 3d.
  33. join.me – share you screen with anyone over the web.
  34. onlineocr.net – recognize text from scanned PDFs – see other OCR tools.
  35. flightstats.com – Track flight status at airports worldwide.
  36. wetransfer.com – for sharing really big files online.
  37. hundredzeros.com – the site lets you download free Kindle books.
  38. polishmywriting.com – check your writing for spelling or grammatical errors.
  39. marker.to – easily highlight the important parts of a web page for sharing.
  40. typewith.me – work on the same document with multiple people.
  41. whichdateworks.com – planning an event? find a date that works for all.
  42. everytimezone.com – a less confusing view of the world time zones.
  43. gtmetrix.com – the perfect tool for measuring your site performance online.
  44. noteflight.com – print music sheets, write your own music online (review).
  45. imo.im – chat with your buddies on Skype, Facebook, Google Talk, etc. from one place.
  46. translate.google.com – translate web pages, PDFs and Office documents.
  47. kleki.com – create paintings and sketches with a wide variety of brushes.
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  50. bubbl.us – create mind-maps, brainstorm ideas in the browser.
  51. kuler.adobe.com – get color ideas, also extract colors from photographs.
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  53. lmgtfy.com – when your friends are too lazy to use Google on their own.
  54. midomi.com – when you need to find the name of a song.
  55. bing.com/images – automatically find perfectly-sized wallpapers for mobiles.
  56. faxzero.com – send an online fax for free – see more fax services.
  57. feedmyinbox.com – get RSS feeds as an email newsletter.
  58. ge.tt – qiuckly send a file to someone, they can even preview it before downloading.
  59. pipebytes.com – transfer files of any size without uploading to a third-party server.
  60. tinychat.com – setup a private chat room in micro-seconds.
  61. privnote.com – create text notes that will self-destruct after being read.
  62. boxoh.com – track the status of any shipment on Google Maps – alternative.
  63. mondrian.io -
  64. draw.io – create diagrams and flowcharts in the browser, export your drawings to Google Drive and Dropbox.
  65. downforeveryoneorjustme.com – find if your favorite website is offline or not?
  66. ewhois.com – find the other websites of a person with reverse Analytics lookup.
  67. whoishostingthis.com – find the web host of any website.
  68. google.com/history – found something on Google but can’t remember it now?
  69. aviary.com/myna – an online audio editor that lets record, and remix audio clips online.
  70. disposablewebpage.com – create a temporary web page that self-destruct.
  71. urbandictionary.com – find definitions of slangs and informal words.
  72. seatguru.com – consult this site before choosing a seat for your next flight.
  73. sxc.hu – download stock images absolutely free.
  74. zoom.it – view very high-resolution images in your browser without scrolling.
  75. scribblemaps.com – create custom Google Maps easily.
  76. alertful.com – quickly setup email reminders for important events.
  77. picmonkey.com – Picnik is offline but PicMonkey is an even better image editor.
  78. formspring.me – you can ask or answer personal questions here.
  79. sumopaint.com – an excellent layer-based online image editor.
  80. snopes.com – find if that email offer you received is real or just another scam.
  81. typingweb.com – master touch-typing with these practice sessions.
  82. mailvu.com – send video emails to anyone using your web cam.
  83. timerime.com – create timelines with audio, video and images.
  84. stupeflix.com – make a movie out of your images, audio and video clips.
  85. safeweb.norton.com – check the trust level of any website.
  86. teuxdeux.com – a beautiful to-do app that looks like your paper dairy.
  87. deadurl.com – you’ll need this when your bookmarked web pages are deleted.
  88. minutes.io – quickly capture effective notes during meetings.
  89. youtube.com/leanback – Watch YouTube channels in TV mode.
  90. youtube.com/disco – quickly create a video playlist of your favorite artist.
  91. talltweets.com – Send tweets longer than 140 characters.
  92. pancake.io – create a free and simple website using your Dropbox account.
  93. builtwith.com – find the technology stack to know everything about a website.
  94. woorank.com – research a website from the SEO perspective.
  95. mixlr.com – broadcast live audio over the web.
  96. radbox.me – bookmark online videos and watch them later (review).
  97. tagmydoc.com – add QR codes to your documents and presentations (review).
  98. notes.io – the easiest way to write short text notes in the browser.
  99. ctrlq.org/html-mail – send rich-text mails to anyone, anonymously.
  100. fiverr.com – hire people to do little things for $5.
  101. otixo.com – easily manage your online files on Dropbox, Google Docs, etc.
  102. ifttt.com – create a connection between all your online accounts.

Changelog and Updates

The following websites were part of the original list but they are either no longer available or have been replaced with better alternatives.
  1. virustotal.com – scan any suspicious file or email attachment for viruses.
  2. isnsfw.com – when you wish to share a NSFW page but with a warning.
  3. truveo.com – the best place for searching web videos.
  4. tabbloid.com – your favorite blogs delivered as PDFs.
  5. warrick.cs.odu.edu – you’ll need this when your bookmarked web pages are deleted.
  6. tempalias.com – generate temporary email aliases, better than disposable email.
  7. whisperbot.com – send an email without using your own account.
  8. errorlevelanalysis.com – find whether a photo is real or a photoshopped one.
  9. google.com/dictionary – get word meanings, pronunciations and usage examples.
  10. wobzip.org – unzip your compressed files online.
  11. namemytune.com – when you need to find the name of a song.
  12. snapask.com – use email on your phone to find sports scores, read Wikipedia, etc.
  13. pastebin.com – the site has been blocked in India.
  14. encrypted.google.com – Google now redirects all logged-in users to the https version of google.com by default so this is no longer necessary.
  15. bounceapp.com – replace this with a version that works on mobile.
  16. dabbleboard.com – a online virtual whiteboard that will shut down in August 2012.
  17. chipin.com – helps you raise funds online for an event or a cause (closed).