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Tuesday, October 16, 2012

Information about Websites


www.siliconindia.com  भारत में सक्रिय सबसे बड़ी प्रोफेशनल नेटवर्किग साइट्स में शुमार सिलिकॉनइंडिया डॉट कॉम में फीचर्स की कमी नहीं है। खबरें, लेख, रोजगार, शिक्षा और लाइफस्टाइल के बारे में यहां भरपूर जानकारी है। इसका नेटवर्क सेक्शन खासा लोकप्रिय है, जहां प्रोफाइल, कम्युनिटी, मेंबरशिप और सवाल-जवाब जैसे उपयोगी लिंक्स दिखाई देंगे।

www.brijj.com  ब्रिज डॉट कॉम पर आप अपने क्षेत्र के पेशेवरों, हमउम्र दोस्तों या अपनी इंडस्ट्री के कारोबारियों के साथ मिलकर एक ग्रुप तैयार कर सकते हैं या दूसरों के बनाए ग्रुप के सदस्य बन सकते हैं। अगर आप प्रभावी प्रेजेंटेशन स्किल्स, इंटरव्यू के लिए तैयारी, ताजातरीन घटनाओं की जानकारी, कम्युनिकेशन स्किल्स, नए विचारों वगैरह में दिलचस्पी रखते हैं, तो भी ब्रिज आपको भाएगी।

www.apnacircle.com  अपनासर्कल डॉट कॉम करीब चार करोड़ सदस्य होने का दावा करती है। यहां अपने पेशेवर साथियों, पुरानी कंपनियों के सहयोगियों, क्लासमेट्स वगैरह के संपर्क में रहना तो मुमकिन है ही, नए ग्राहकों, भागीदारों और कर्मचारियों की तलाश करने का भी यह अच्छा मंच है। आप अपने दोस्तों को वेबसाइट के जरिए और एसएमएस से फ्री संदेश भेज सकते हैं।

www.peerpower.com  यह टॉप प्रोफेशनल्स को ध्यान में रखकर बनाई गई नेटवर्किग साइट है, जहां अपने क्षेत्र के टॉप प्रोफेशनल्स की तलाश करना और उनके साथ कनेक्ट होना बेहद आसान हो जाता है। इस वेबसाइट का स्लोगन है - फाइंड, कनेक्ट, शेयर एंड प्रॉफिट। यानी एक-दूसरे के अनुभवों से फायदा उठाएं और नए मौकों की तलाश करें।

www.toostep.com  टूस्टेप डॉट कॉम वेबसाइट आपको दूसरों से कांटेक्ट करने के साथ-साथ उनकी समस्याएं सुलझाने और सही राय देने का मौका भी देती है, जिससे आप खुद को अपनी फील्ड में एक विशेषज्ञ के रूप में स्थापित कर सकते हैं। यहां तमाम नई नौकरियों की जानकारी मौजूद रती है। इसके पोर्टल के कम्युनिटीज सेक्शन में दर्जनों सेक्टरों के अहम मुद्दों पर पेशेवरों के बीच चर्चा का मौका भी देती है।

रोजाना खाना चाहेंगे, जब जानेंगे रोज दही खाने के ये 7 फायदे

दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है। इसीलिए अच्छी सेहत के लिए दूध पीना जरूरी माना जाता है। लेकिन ये बात आप शायद ही जानते होंगे कि दूध के मुकाबले दही खाना सेहत के लिए ज्यादा लाभदायक है। दूध में मिलने वाला फैट और चिकनाई शरीर को एक उम्र के बाद नुकसान पहुंचाता है। इस के मुकाबले दही से मिलने वाला फास्फोरस और विटामिन डी शरीर के लाभकारी होता है। दही में कैल्सियम को एसिड के रूप में समा लेने की भी खूबी होती है। रोज 100 मि.ली. दही खाने से दूध के मुकाबले दही खाना सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है। दूध में मिलने वाला फैट और चिकनाई शरीर को एक उम्र के बाद नुकसान पहुंचाता है। इस के मुकाबले दही से मिलने वाला फास्फोरस और विटामिन डी शरीर के लाभकारी होता है।

Friday, August 24, 2012

रेल यात्रियों को मिला पावर, कहीं हो न जाए धोखा उससे पहले करें ऐसा

 रेल प्रशासन ने दलालों के कारनामों से तंग आकर अब मुसाफिरों को भी ये अधिकार दे दिया है कि वे ई-टिकट की बुकिंग कराते समय शक होने पर रेलवे के अधिकृत एजेंटों से भी आई कार्ड मांग सकते हैं। यदि एजेंट अपनी पुख्ता पहचान साबित नहीं कर पाता है तो मुसाफिर इसकी सीधी शिकायत करेंगे। जिस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा यात्री इन एजेंटों की हकीकत वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.आईआरसीटीसी.को.इन पर भी देख सकते हैं। 

एसएमएस यानी टिकट- ई-टिकट पर सफर करने वाले मुसाफिरों को ये सुविधा भी दी गई है कि वो रेलवे के उस एसएमएस को भी टिकट के रूप में टीटीई को दिखा सकते हैं, जो उन्हें रेलवे द्वारा भेजा गया है। अब तक ई-टिकट का प्रिंट साथ मंे रखना अनिवार्य था। इस मैसेज में किराया एवं सेवा शुल्क की पूरी जानकारी होती है। 

क्या करें, क्या नहीं- रेलवे ने अपने मुसाफिरों से अपील की है कि वे मैसेज या ई-टिकट पर दर्ज राशि से ज्यादा का भुगतान न करें। यात्रियों को प्रिंट आउट लेते समय ख्याल रखना होगा कि उसमें एजेंट का नाम, पता और फोन नम्बर है या नहीं, यदि नहीं है कि वे एजेंट से इसका कारण पूछें। एजेंट से टिकट बुकिंग या निरस्तीकरण की रसीद लेने का ध्यान भी यात्रियों को रखना होगा। रेलवे ने मुसाफिरों से कहा है कि इन सबके बाद भी यदि किसी गड़बड़ी की आशंका हो तो वे दूरभाष 011-23745962 या 011-39340000 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

Source: http://www.bhaskar.com/article/MP-OTH-rail-passanger-got-power-3691478.html?HF-20=

Sunday, August 12, 2012

बड़े ही काम की ये वेबसाइट, दूर कर देंगी मैथ्स में आने वाली प्रॉब्लम्स


क्लास कोई भी हो मैथ्स एक ऐसा विषय है, जो हरेक के लिए आसान नहीं होता। इसे समझने के लिए अभ्यास की जरूरत होती है। साथ ही कहीं उलझने पर पारंगत शख्स की मदद लेनी पड़ती है। स्कूल में तो यह काम टीचर कर देते हैं, लेकिन घर पर.. इसके लिए जानें मैथ्स में मदद करने वाली कुछ वेबसाइट्स के बारे में।

www.mathguru.com   
क्लास 6 से 12 तक के छात्रों को मैथ्स समझाने की व्यवस्था है। अलग-अलग क्लास के हिसाब से प्रश्नपत्र हल करने की भी सुविधा है। इसका उपयोग करने के लिए पहले इस साइट पर स्वयं को इनरोल कराना होगा।

www.math.tifr.res.in
अगर आपने उच्च शिक्षा में मैथ्स ली है, तो यह साइट काम की साबित होगी। यहां प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों द्वारा मैथ्स पर तैयार पेपर समेत रिसर्च भी मिल जाएगी। सर्च आसान बनाने के लिए टॉपिक्स दिए गए हैं।

www.math.mu.ac.in
मैथ्स की अन्य साइट्स के लिंक हैं। ऐसी यूनिवर्सिटी का ब्यौरा भी मौजूद है, जो मैथ्स के लिए जानी जाती हैं। 

www.explore.oneindia.in
मैथ्स की समस्याओं को सुलझाने के साथ इसमें पारंगत होने की टिप्स दी गई हैं। इसमें रीजनिंग और कैलकुलेटिव क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सेट पेपर भी हैं।

www.education.nic.in
प्राइमरी स्तर से मैथ्स समझाने की व्यवस्था है। गणितीय सिद्धांतों के लिए सरल तरीकों का सहारा लिया गया है। चरणबद्ध तरीके से मैथ्स को समझाया जाता है।

Friday, July 20, 2012

Hindi Counting


For people who are interested in couting in hindi. Here is full list of how far you can go
1 Ekai
10 Dahai
100 Saikada
1000 Hazaar
10000 Dus Hazaar
100000 Lakh
1000000 Dus Lakh
10000000 Karor
100000000 Dus Karor
1000000000 Arab
10000000000 Dus Arab
100000000000 Kharab
1000000000000 Dus Kharab
10000000000000 Neel
100000000000000 Dus Neel
1000000000000000 padam
10000000000000000 Dus Padam
100000000000000000 Sunkh
1000000000000000000 Dus Sunkh
10000000000000000000 Maha Sunkh

Wednesday, June 27, 2012

ऑनलाइन सीख रहे लैंग्वेज, तो ये हैं BEST SIX वेबसाइट्स



भोपाल। ग्लोबल एक्सपोजर की चाह और स्टडी से लेकर बिजनेस तक में नॉलेज शेयरिंग के लिए लोग डिफरंट लैंग्वेज सीख रहे हैं। इसके लिए वो कोचिंग ज्वॉइन करने का पारंपरिक तरीका अपनाने के बजाय ऑनलाइन कोर्स को तवज्जो दे रहे हैं। कई वेबसाइट ऐसी हैं जो लैंग्वेज सिखाने के साथ-साथ वहां के एक्सेंट, वे ऑफ टॉकिंग भी सिखाती हैं।

इन ऑनलाइन क्लासेज में वे विदेशी भाषा का ज्ञान लेते हैं और वोकेबलरी , प्रनन्सिएशन भी सीखते हैं। फॉरेन लैंग्वेज से जुड़े एक्सपर्ट कहते हैं कि ये कोर्स कुछ समय के ही होते हैं, साथ ही घर बैठे इन कोर्सेज को आसानी से किया जा सकता है। ग्लोबलाइजेशन के दौर में कंपनीज और एजुकेशन डिपार्टमेंट डिफरंट लैंग्वेज की डिमांड है जिसे पूरा करने यंग प्रोफेशनल्स इन वेबसाइट्स
की मदद लेते हैं।

कोर्स से करते हैं खुद को अपडेट

5 भाषाओं के जानकार लैंग्वेज ट्रेनर आमिर महबूब हर भाषा को अलग-अलग क्षेत्रों के मुताबिक प्रनन्शिएट करना भी बखूबी आता है। वे कहते हैं लैंग्वेज सीखने के साथ-साथ उस देश या क्षेत्र की वोकेबलरी, एक्सेंट, वाइस मॉड्यूलेशन और सबसे अहम बॉडी लैंग्वेज जानना भी बेहद जरूरी होता है। तभी हम उस क्षेत्र के लोगों के साथ अच्छे से मिक्सअप हो सकते हैं।

दो साल पहले तक केवल फॉरेन जाने की इच्छा रखने वाले स्टूडेंट्स ही ब्रिटिश, जर्मन, फ्रेंच आदि लैंग्वेज सीखते थे, लेकिन अब इंडिया की मेट्रो सिटीज में काम करने के लिए भी लोग लैंग्वेज कोर्स कर रहे हैं। मैं खुद भी दूसरे देशों में स्टूडेंट्स को ट्रेनिंग देने जाता हूं, इसलिए खुद को अपडेट करने ऑनलाइन लैंग्वेज कोर्स की हमेशा मदद लेता रहता हूं। इस पर दिए वीडियोज मुझे लैंग्वेज के साथ-साथ वहां के बात करने का तरीका और अभिवादन करने जैसी कई चीजों के तरीके जानने में आसान कर देते हैं।

ग्लोबल एक्सपोजर पाने का आसान तरीका है लैंग्वेज लर्निग

एब्रॉड स्टडी के लिए स्टूडेंट्स को गाइडेंस देने वाले वैदिक इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर विशाल दीक्षित कहते हैं ग्लोबल एक्सपोजर के लिए डिफरंट लैंग्वेज सीखना सबसे हेल्प फुल टूल है। विभिन्न देशों की यूनिवर्सिटीज में जब विजिट करने जाता हूं तो मैं हमेशा वहां की लैंग्वेज के कुछ वाक्य साइट्स के जरिए जरूर सीखकर जाता हूं, ताकि वहां कंफर्टेबल फील कर सकूं। चीन जाना काफी होता है, इसलिए चाइना काफी सीख ली है। इससे मुझे वहां की ज्यादा जानकारियां जुटाने और बाजार की स्थिति समझने में भी मदद मिलती है।

स्टूडेंट विभोर दुबे ने ऑनलाइन बिजनेस इंग्लिश सीखी है। वे बताती हैं कि कॉलेज में इंटर कल्चरल प्रोग्राम नाम का प्रोजेक्ट होता है, जिसमें हम वर्चुअल कंपनी क्रिएट कर दूसरे देशों के स्टूडेंट्स के साथ यह कंपनी चलानी होती है। मुझे यूरोपियन स्टूडेंट्स के साथ यह प्रोजेक्ट करना था। तब मैंने यूरोपियन कंट्रीज की वोकेबलरी, बिजनेस इंग्लिश की टर्मिनोलॉजी, फॉर्मल लैंग्वेज की टर्म्स सीखीं।

सीखने के बाद सिखा रहे जापानी

राष्ट्रीय तकनीक शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के डायरेक्ट विजय अग्रवाल कुछ साल पहले एजुकेशनल टूर पर जापान गए। वहां के प्रोफेसर्स अंग्रेजी के साथ-साथ जापानी में भी बात करते जिससे वे कई बार उनकी बातों का जवाब नहीं दे पाता थे। तब उन्होंने वहीं पर जापानी सीखना शुरू की। इसके बाद भारत वापस आया तो उन्हें लगा कि अपनी मातृभाषा में ही बात करना पसंद करने वाले जापानियों से नॉलेज शेयरिंग के लिए उनकी भाषा सीखना चाहिए। तब उन्होंने जापानी ऑनलाइन सीखना शुरू की। अब वे बहुत अच्छी जापानी बोलने के साथ-साथ लिख लेते हैं और स्टूडेंट्स को सिखाते हैं।

लैंग्वेज सीखने के लिए वेबसाइट्स 



Friday, June 15, 2012

बड़े काम का छोटा पुदीना

पुदीने का पौधा कहीं भी किसी भी जमीन, यहां तक कि गमले मेे भी आसानी से उग जाता है। यह गर्मी झेलने की शक्ति रखता है। इसे किसी भी ऊर्वरक की आवश्यकता नहीं पड़ती है। थोड़ी सी मिट्टी और पानी इसके विकास के लिए पर्याप्त हैं। पुदीना को किसी भी समय उगाया जा सकता है। इसकी पत्तियों को ताजा तथा सुखाकर प्रयोग में लाया जा सकता है।

यूं करें इस्तेमाल
सलाद में इसका उपयोग स्वास्थ्यवर्द्धक है। प्रतिदिन इसकी पत्ती चबाई जाए तो दंत क्षय, मसूढ़ों से रक्त निकलना, पायरिया आदि रोग कम हो जाते हैं। यह एंटीसेप्टिक जैसा कार्य करता है और दांतों तथा मसूढ़ों को जरूरी पोषक तत्व पहुंचाता है।

एक गिलास पानी में पुदीने की चार से पांच पत्तियां डालकर उबालें। ठंडा होने पर फ्रिज में रख दें। इस पानी से कुल्ला करने पर मुंह की दुर्गध दूर हो जाती है।

पुदीना कीटाणुनाशक है। यदि घर के चारों तरफ पुदीने के तेल का छिड़काव कर दिया जाए तो मक्खी, मच्छर, चींटी आदि कीटाणु भाग जाते हैं।

पुदीने की पत्तियों को पीसकर चेहरे पर लेप करने से, भाप लेने से, मुहांसे, चेहरे की झाइयों और दागों में लाभ 
होता है।

एक टब में पानी भरकर उसमें कुछ बूंद पुदीने का तेल डालकर यदि उसमें पैर रखे जाएं तो थकान से राहत मिलती है और बिवाइयों के लिए बहुत लाभकारी है।

पुदीने का ताजा रस क्षय रोग, अस्थमा और विभिन्न प्रकार के श्वास रोगों में बहुत लाभकारी है।

पानी में नींबू का रस, पुदीना और काला नमक मिलाकर पीने से मलेरिया के बुखार में राहत मिलती है।

हकलाहट दूर करने के लिए पुदीने की पत्तियों में काली मिर्च पीस लें तथा सुबह शाम एक चम्मच सेवन करें। 

हिचकी की शिकायत होने पर इसकी पत्तियों को चूसने से या इसके रस को शहद के साथ लेने से राहत मिलती है।

पुदीने की चाय में दो चुटकी नमक मिलाकर पीने से खांसी में लाभ मिलता है।

हैजे में पुदीना, प्याज का रस, नींबू का रस समान मात्रा में मिलाकर पिलाने से लाभ होता है। उल्टी-दस्त हैजा हो तो आधा कप रस हर घंटे के अंतराल पर रोगी को पिलाएं।

पुदीने का ताजा रस शहद के साथ सेवन करने से ज्वर दूर हो जाता है तथा न्यूमोनिया से होने वाले विकार भी नष्ट हो जाते हैं।

पेट में अचानक दर्द उठता हो, तो अदरक और पुदीने के रस में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर सेवन करे। 

नकसीर आने पर प्याज और पुदीने का रस मिलाकर नाक में डाल देने से नकसीर के रोगियों को बहुत लाभ होता है।